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बहुत ही अमीर
ना हम
मित्रता
देखते ही रहे
वाले थे
मध्यम वर्ग
अनाड़ी
यारों
जाना
मिलजुलकर
हम सबपे रहम करें
आखिरी
हम ही
दिन कितने
ही हम
अकेलेकदम
मानवीय संवेदन ही देव रूप है।
संवेदन सेवक ही देवत्व देते हैं
तन्हा
सबसे पहले
Hindi
हम खुद ही हैं
Quotes
सबसे पहले तो हम खुद ही हैं, अपने प्यारे और सच्चे एक मित्र। अ ...
शनिवार: दीवाली का पर्व हम सबको अवश्य ही मनाना हैं, रोते हुए ...
अर्ज है...हमारा अन्दाज जानिए। तख़्त है अदब, लिहाज परवरिश है ...
नादानीयां शैतानीयां ना कर सब कुछ धराशायी हो जायेंगी। पल में ...
हमारा कार्य ही हमे कुछ बनता है I हम वे नहीं बन पाते जो हम ...
हजार बार ढूंढने पर भी जब नजर तुम कहीं नहीं आए अंखियां बंद कर ...
अपना भाग्य तो हम खुद बनाते हैं जिसका निर्माण बचपन से शुरू हो ...
ऐसे तो कई सपनें है हमारे , पर तुमसे यूँ बातें करना , ख्वाहि ...
रविवार: दीवाली हम सभी मिलजुल कर मनाते हैं, राम जी के घर आने ...
शुक्रवार: ना हम बहुत ही अमीर, ना हम बहुत ही ग़रीब। मध्यम वर् ...
सोमवार: अकेले ही हम आएं थे, अकेले हमनें जाना है। पहला सफ़र भ ...
खुद को भूलाकर औरों के लिए जीता रहा, मैं हर पल हर घड़ी अपना ...
रविवार: दोस्तों बचपन के दिन कितने हसीं थे, हम ही राजा और हम ...
धर्म के प्रतीक मंदिर, मस्जिद आदि में ईश्वर का निवास नहीं रहत ...
रविवार: यारों हिन्दी भाषा ऐसी ही एक भाषा है, जिसमें कैपिटल ...
शुक्रवार: लोग कहते हैं हम है अनाड़ी, हर काम में विफल खिलाड़ ...
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